Patal Bhuvaneshwar Cave | पाताल भुवनेश्वर गुफा | इतिहास | कैसे पहुंचे

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Patal Bhuvaneshwar | पाताल भुवनेश्वर उत्तराखंड  के पिथौरागढ़ जिले में गंगोलीहाट नगर से  14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक पौराणिक गुफा मंदिर है.  ऊंची पहाड़ियों और देवदार के घने जंगलो के बीच बसा यह मंदिर अपनी खूबसूरती एवं आध्यात्मिक शांति के लिए विश्वविख्यात है. इस प्राकृतिक विशाल गुफा की खोज सूर्य वंश के राजा ऋतुपर्ण ने की थी. प्रवेश द्वार से  160 मीटर लम्बी और 90 फ़ीट गहरी यह गुफा किसी आश्चर्य से कम नहीं है|

गुफा मे जाने के लिए प्रवेश द्वार से लोहे की जंजीरो का सहारा लेना पड़ता है. यह गुफा प्राकृतिक नुकीले पत्थरों से बनी है. पाताल भुवनेश्वर गुफा मानव निर्मित नहीं है, अपितु यह एक प्राकर्तिक निर्माण है.

गुफा मे जो पत्थर है, वह बहुत ही चिकने है और गुफा की दीवारों से हमेशा हल्का पानी आता रहता है. इसलिए गुफा का रास्ता चिकना रहता है. मगर गुफा के अंदर प्रवेश करने में इससे कोई परेशानी नहीं होती. गुफा के अंदर जाते ही हमें शेष नाग के आकर के  पत्थर दिखाई देता है. और अंत मे 5 पांडवो के दर्शन होते है. माना जाता है पाताल भुवनेश्वर गुफा मे चारों धामों के दर्शन होते है.

पाताल भुवनेश्वर का इतिहास (Patal Bhuvaneshwar History in Hindi)

 पाताल भुवनेश्वर गुफा एक ऐसी गुफा है जहा 5 पांडवो के दर्शन के साथ साथ चारो धामों के दर्शन भी एक साथ होते है. साथ ही यहाँ 33 कोटि देवी-देवताओं के दर्शन करने का भी सौभाग्य मिलता है.  कुछ मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने गणेश जी का सर धड़ से अलग कर के इसी गुफा मे रखा था. (Patal Bhuvaneshwar Cave)

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यहाँ पर पांचो पांडवो ने तपस्या की थी.  और माना जाता है कि भगवान भोले नाथ भी यहाँ साक्षात रूप मे निवास करते है.  इसलिए हर साल  देश विदेश से इस गुफा  के दर्शन  करने वोलो की काफी भीड़ उमड़ी रहती है|

कैसे  पहुंचे गंगोलीहाट पाताल भुवनेश्वर (How to Reach Patal Bhuvaneshwar)

पाताल भुवनेश्वर पहुंचने के लिए पहले आपको गंगोलीहाट पहुंचना होगा. अगर आप बस से या अपनी गाड़ी से सफर कर रहे है तो सबसे पहले हल्द्वानी या टनकपुर आना होगा वहाँ से सीधा गंगोलीहाट जाया जा सकता है. यदि आप रेल से यात्रा कर रहे है तो आपको कठगोगाम या टनकपुर आना होगा |

 अगर आप हवाई मार्ग से यात्रा करके पाताल भुनेश्वर पहुंचने का मन बना रहे है तो आप पंतगार एअरपोर्ट तक का सफर हवाई मार्ग से कर सकते हें . पंतनगर से आगे की यात्रा अपनी गाड़ी,बस या फिर लोकल टैक्सी किराये पर लेके संपन्न कर सकते हें |

पाताल भुवनेश्वर के आस पास अन्य दर्शनीय स्थल (Tourist Places Nearby)

पाताल भुवनेश्वर गुफा उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के दिल कहे जाने वाले स्थान गंगोलीहाट में स्थित हैं . चूकि  कुमाऊं छेत्र अपने आप में अनेक दर्शनीय स्थलों का अड्डा है.

जागेश्वर धाम अल्मोड़ा शहर से लगभग 35 किलोमीटर पूर्व की तरफ स्थित एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल एवं बहुत ही खूबसूरत स्थान है. आप चाहे तो पाताल भुवनश्वर गुफा मंदिर के दर्शन के उपरांत जागेश्वर धाम की यात्रा कर सकते है. वापसी के समय अगर आप अल्मोड़ा होते हुए काठगोदाम पहुंचना चाहते है तो आपके मार्ग में पड़ता है.

साथ ही इसी रास्ते मे थोड़ा आगे बढ़कर आप चितई गोलू देवता मंदिर के दर्शन भी कर सकते है. जो कि अल्मोड़ा पिथौरागढ़ मार्ग में अल्मोड़ा शहर से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इस रास्ते वापसी करते हुए आप अल्मोड़ा शहर भी घूम सकते है. अगर आप चाहे तो अपनी इस यात्रा के साथ नैनीताल कि यात्रा भी कर सकते है.

अगर आप चम्पवात होते हुए टनकपुर से बरेली या हल्द्वानी के तरफ वापसी का मन बना रहे है तो, आप लोहाघाट स्थित मायावती आश्रम एवं टनकपुर के नजदीक स्थित पूर्णागिरि माता मंदिर के दर्शन करते हुए अपनी यात्रा संपन्न कर सकते है |

By HindiWall

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