नीम करोली बाबा | महान शिक्षाएं एवं जीवन परिचय | NEEM KAROLI BABA

Neem Karoli Baba 

नीम करोली बाबा एक महान हनुमान भक्त संत थे. बहुत से लोग उन्हें  हनुमान जी का अवतार भी मानते है, प्यार से लोग उन्हें महाराज जी के नाम से भी भी पुकारते हैं. हनुमान जी के परम भक्त नीम करोली बाबा जी के दरबार कैंची धाम आश्रम एवं वृंदावन आश्रम में  हमेशा भक्तों का ताँता लगा रहता है. लोगों का कहना है कि दरबार में आकर उनकी मनोकामना पूरी होती है और महाराज कभी भी किसी भक्त को निराश नहीं छोड़ते.
भारत  की धरती पुरातन काल से महान संतो, महापुरुषों एवं विदुषियों की जन्मदायिनी रही है. संत चाहे दुनिया के किसी भी कोने में पैदा हुवा हो, सही मायनो में संत वही है जो इंसानो को सही एवं कुदरती राह पर चलना सिखाता है. भारतीय संत परम्परा में संत कबीर से लेकर गुरनानक देव, बुल्ले शाह, मलूकदास, ज्योतिबा फुले, स्वामी विवेकानंद Swami Vivekananda आदि सभी संतों की सामान्य प्रवृति में ज्ञान एवं कर्म की साधना करना एवं इसका उपयोग मानव एवं कुदरत सहअस्तिव के लिए करने का भाव है. परन्तु ज्ञान, कर्म एवं भक्ति की साधना कर महान मानवीय या फिर ईश्वरीय गुणों को प्राप्त करने और उनको मानवता की सेवा में समर्पण कर देने का एक बड़ा उदहारण “नीम करोली बाबा” है.

नीम करोली बाबा प्रारंभिक जीवन

(EARLY LIFE OF NEEM KAROLI BABA)

हनुमान के भक्त महाराज नीम करोली बाबा जी का जन्म सन 1900 के आस पास उत्तर- प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर नमक ग्राम में एक ब्राह्मण परिवार में हुवा था. नीम करोली महाराज के पिता का नाम श्री दुर्गा प्रशाद शर्मा था. नीम करोली बाबा जी के बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था.  अकबरपुर के किरहीनं गांव में ही उनकी प्रारंभिक शिक्षा- दीक्षा हुवी. मात्र 11 वर्ष कि उम्र में ही लक्ष्मी नारायण शर्मा का विवाह हो गया था. परन्तु  जल्दी ही उन्होंने घर छोड़ दिया और लगभग 10 वर्ष तक घर से दूर रहे.

       एक दिन उनके पिता को किसी ने उनकी खबर दी, पिता उनसे मिले और गृहस्थ जीवन का पालन करने का आदेश दिया. पिता के आदेश को तुरंत मानते हुवे वो (Neem Karoli Baba )घर वापस लौट  आये और पुनः गृहस्थ जीवन आरम्भ कर दिया. गृहस्थ  जीवन  के साथ- साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में वो बढ़ – चढ़ हिस्सा लिया करते थे.बाद में ही दो बेटों एवं एक बेटी के पिता भी बन गए, परन्तु घर गृहस्थी में लम्बे समय तक उनका मन नहीं रमा और कुछ समय बाद लगभग 1958 के आस- पास उन्होंने फिर से गृह त्याग कर दिया

गृह त्याग एवं तपस्या

LEAVING THE HOME AND AUSTERITY

घर-बार त्याग कर वो (Neem Karoli Baba)अलग- अलग जगह घूमने लगे. इसी भृमण के दौरान उनको हांड़ी वाला बाबा, लक्ष्मण दास, तिकोनिया वाला बाबा आदि नामों से जाना जाना गया. कहा जाता है कि और उन्होंने मात्र 17  वर्ष की आयु में ज्ञान प्राप्त कर लिया था. नीम करोली बाबा जी ने गुजरात के बवानिया मोरबी में साधना की और वहां वो तलैयां वाला बाबा के नाम से विख्यात हो गए. वृंदावन में महाराज जी, चमत्कारी बाबा के नाम से जाने गए.

नीम करोली बाबा बनने की कहानी

(STORY OF BEING NEEM KAROLI BABA)

 कहते है कि गृह- त्याग के बाद, जब वो अनेक स्थानों के भृमण पर थे  तभी एक बार महाराज जी एक स्टेशन से ट्रेन किसी वजह से बिना टिकट के ही चढ़ गए और प्रथम श्रेणी में जाकर बैठ  गए. मगर कुछ ही समय बाद टिकट चेक करने के लिए एक कर्मचारी उनके पास आया और टिकट के लिए बोला, महाराज ने बोला टिकट तो नहीं है, कुछ वाद- विवाद के बाद ट्रेन के ड्राइवर एक जगह जिसका ट्रेन रोक दी. महाराज को उतार दिया गया और ट्रेन ड्राइवर वापस ट्रेन चलने लगा. मगर ट्रेन दुबारा स्टार्ट नहीं हुवी. बहुत कोसिस की गयी, इंजिन को बदल कर देखा गया मगर सफलता हाथ नहीं लगी.

neem karoli baba

इसी बीच एक अधिकारी वहां पहुंचे और  उन्होंने ट्रेन को अनियत स्थान पर रोके जाने का कारण जानना चाहा. तो कर्मचारियों ने पास में ही में एक पेड़ के नीचे बैठे हुवे साधु (Neem Karoli Baba )को इंगित करते हुवे, कारण अधिकारी को बता दिया. वो अधिकारी महाराज और उनकी दिव्यता से परिचित था. अतः उसने साधु को वापस ट्रेन में बिठाकर ट्रेन स्टार्ट करने को कहा. साधु ने इंकार कर दिया परन्तु जब अन्य सहयात्रियों ने भी महाराज से बैठ जाने का आग्रह किया तो महाराज ने दो शर्ते रखी. एक कि उस स्थान पर ट्रेन स्टेशन बनाया जायेगा, दूसरा कि साधु सन्यासियों के साथ भविष्य में ऐसा वर्ताव नहीं किया जायेगा. रेलवे के अधिकारिओं ने दोनो शर्तों के लिए हामी भर दी तो महाराज ट्रेन में चढ़ गए और ट्रेन चल पड़ी.

बाद में रेलवे ने उस गांव में एक स्टेशन बनाया. कुछ समय बाद महाराज उस गांव में आये और वहां  रुके तभी से लोग उन्हें नीब करोरी वाले बाबा (Neeb Karori Baba)या नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba)के नाम से जानने लगे

नीम करोली बाबा की महासमाधि

(NIRVANA OF NEEM KAROLI BABA)

(Neem Karoli Baba) नीम करोली बाबा जी आगरा से वापस कैंची धाम आ रहे थे. जहां वो ह्रदय में दर्द की शिकायत के बाद जरुरी चिकित्सा जाँच के लिए गए थे, इसी बीच मथुरा स्टेशन पर पुनः दर्द  होने के कारण उन्होंने अपने शिष्यों को वृंदावन आश्रम वापस चलने के लिए कहा. तबियत ज्यादा ख़राब होने कि वजह से शिष्यों ने उन्हें वृंदावन में एक हॉस्पिटल के आकस्मिक  चिकिस्ता सेवा कक्ष  में भर्ती कर दिया. डॉक्टर्स ने उन्हें कुछ इंजेक्शन दिए और आक्सीजन मास्क लगा दिया.

कुछ ही देर में महाराज वापस बैठ गए और आक्सीजन मास्क को उतार कर कहा “बेकार” कि (अब ये सब बेकार है) और महाराज (Neem Karoli Baba) धीरे- धीरे  कई बार “जय जगदीश हरे” पुकारते हुवे 11 सितम्बर 1973 को 1 बजकर 15 मिनट के समय बहुत ही शांति के साथ में लीन  हो गए .

कैंची धाम आश्रम

(KAINCHI DHAM ASHRAM)

अपने जीवन- काल में नीम करौली बाबा जी (Neem Karoli Baba) ने अनेकों स्थानों का भ्रमण किया. महाराज ने 100 से भी अधिक मंदिरों और आश्रमों का निर्माण करवाया था, जिसमे से वृंदावन और कैंची धाम आश्रम मुख्य है. कैंची धाम आश्रम में नीम करौली बाबा जी अपने जीवन के अंतिम दशक में सबसे ज्यादा रहे, इस आश्रम का निर्माण 1964  में करवाया गया था. आरम्भ में यह स्थान दो स्थानीय साधुओं, प्रेमी बाबा और सोमवारी महाराज के लिए यज्ञ हेतु बनवाया गया था,  साथ ही यहाँ एक हनुमान मंदिर कि स्थापना भी उसी समय पर की गई.  कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल  से लगभग १७ किलोमीटर दूर अल्मोड़ा – नैनीताल रोड पर स्थित है. यह स्थान अत्यंत खूबसूरत एवं पहाड़ियों से घिरा हुवा है.

आश्रम की स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर हर  वर्ष 15 जून  को यहां पर मेले का आयोजन होता है, जिसमे देश  विदेश से लाखो लोग हिस्सा लेते है.

नीम करोली बाबा जी के अनुयायों का फैलाव सिर्फ भारतवर्ष में ही नहीं वरन यूरोप से लेकर अमेरिका तक है. बाबा रामदास, भगवान् दास , माँ जया, जय उत्त्कल, कृष्णा दास उनके मुख्य शिष्य है. इसके अलावा फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग, स्टीव जॉब्स आदि जैसी बड़ी नामचीन हस्तियां भी बाबा जी के मंदिर आते रहे है.

कैसे पहुंचे कैंची धाम

HOW TO REACH KAINCHI DHAM
(Neem Karoli Baba Ashrama)

 देश के किसी भी हिस्से से आप को नैनीताल के हल्द्वानी शहर या काठगोदाम पहुंचना होगा. काठगोदाम पहुंचने के लिए भारतीय रेल की सेवा का उपयोग किया जा सकता है जो काठगोदाम तक उपलब्ध है. या फिर सड़क मार्ग से भी आप हल्द्वानी, काठगोदाम होते हुवे कैंची धाम जा सकते है.

अगर आप हवाई मार्ग से आते है तो पंतनगर एयरपोर्ट तक का सफर आप हवाई मार्ग से कर  सकते है. पंत नगर एयरपोर्ट से कैंची धाम की दूरी लगभग 72 किलोमीटर है. इस सफर को  आप निजी वाहन या उत्तराखंड परिवहन की बस से भी तय कर सकते है.

काठगोदाम के बाद लगभग 40  किलोमीटर पहाड़ी सफर सड़क मार्ग से तय करना होता है. निजी वाहन या उत्तराखंड परिवहन की बसों से भी ये सफर तय किया जा सकता है.

कैंची धाम यात्रा के साथ ही आस- पास के अन्य दर्शनीय स्थल जैसे की अल्मोड़ा स्थित जागेश्वर धाम, गोलू-चितई मंदिर, चम्पावत के पूर्णागिरि मंदिर (Purnagiri Mandir), नानकमत्ता साहिब, रीठा साहिब आदि धार्मिक स्थानों के अलावा नैनीताल, रानीखेत जैसे खूबसूरत पर्यटक स्थलों की यात्रा का भी आनंद उठा सकते हैं.

नीम करोली बाबा जी के पवित्र वचन और शिक्षायें.

(DIVINE QUOTES AND EDUCATION OF NEEM KAROLI BABA JI)
  • “ईश्वर के प्रेम को छोड़कर, सब कुछ अस्थायी है”

Everything is impermanent, except love of God. (Neem Karoli Baba)

  • “यदि आप ईश्वर देखना चाहते हैं, मन की इच्छाओं को मार डालो, यदि कोई इच्छा है तो उस पर कार्रवाई न करें और वह दूर जाएंगे। यदि आप  चाय पीने की इच्छा रखते हैं, न पिए और  इच्छा दूर हो जाएगी”

If you want to see God, Kill desires. Desires are in the mind. When you have a desire for something, do                not act on it and it will go away. If you desire to have a cup of tea, do not do and the desire for the tea                  will surely go away. (Neem Karoli Baba)

  • ” इंसान अक्सर किसी और काम के लिए जाता है और दूसरा पाता है”

Often one goes for one thing and finds another. (Neem Karoli Baba)

  • “सम्पूर्ण सत्य आवश्यक है, आप जो कहते हैं उसके अनुसार जीवित रहना चाहिए”

Complete truth is necessary. You must breathe by what you speak . (Neem Karoli Baba)

  • “हर किसी से प्रेम करो, हर किसी की सेवा करो, भगवान को स्मरण करें, और सत्य को बताएं”

Love everyone, serve everyone, never forget the God and tell the truth always.

  • “कुछ भी गुरु हो सकता है – वह एक पागल या आम व्यक्ति हो सकता है एक बार जब आप उसे स्वीकार कर लेते हैं, तो वह प्रभुओं का स्वामी है”

Whatever may be guru. It may be a outrageous or a common person. Once you have accepted him, he is the lord of lords. (Neem Karoli Baba)

  • “सभी धर्म समान हैं, सभी एक ही परमात्मा  की तरफ जाते है. भगवन सर्वत्र व्याप्त  है”

All religions are the same. They all lead to God. God is everywhere. (Neem Karoli Baba)

  • “पूरे ब्रह्माण्ड हमारा घर  है और इसमें रहने वाले सभी लोग हमारे परिवार के हैं. किसी विशेष रूप में भगवान को देखने की कोशिश करने के बजाय, उसे हर चीज में देखना अच्छा है”

The whole universe is our home and all residing in it belong to our family. Instead of trying to see God in a particular appearance, see it in everything. (Neem Karoli Baba)

  • “वासना, लालच, क्रोध, अनुलग्नक – ये नरक के सभी रास्ते हैं”

Lust, greed, anger, attachment – These are all paths to hell. (Neem Karoli Baba)

  • “भगवान  को  ध्यान  में  रखना  ही वास्तव  में  सबसे  बड़ी  सेवा  है. हर  समय  आपके  मस्तिष्क  में  भगवन की छवि होनी  चाहिए”

The best service is, keep the thoughts of God. Keep the God in mind every minute. (Neem Karoli Baba)

  •  “यदि आप एक दूसरे से प्यार नहीं कर सकते, तो आप अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते”

If you do not love each other, you cannot achieve your goal. (Neem Karoli Baba)

  • “यह दुनिया एक छलावा है, फिर भी आप चिंतित हैं क्योंकि आप संलग्न हैं”

This world is the illusion. Yet you get worried because you are attached. (Neem Karoli Baba)

  • “जब आप उदास होते हैं, दर्द में या बीमार  होते हैं या आप किसी भी अंतिम संस्कार में गए होते  हैं, तो आप वास्तव में जीवन की कई सच्चाई सीखते हैं”

When you are sad or in pain, sick, or you witness any cremation then you actually learn the many truth of life.                                                                                                                              (Neem Karoli Baba)

  • “भगवान को देखने के लिए सबसे अच्छा तरीका .. उसे  हर रूप में देखना है”

The best from to see God in…is in every form. (Neem Karoli Baba)

  • “सभी सांसारिक चीजों से  मन को  साफ़ करें. यदि आप अपने दिमाग को नियंत्रित नहीं कर सकते, तो आप भगवान को कैसे महसूस करेंगे”

Clear the mind of all worldly things. If you cannot control your mind, how will you realize God?

(Neem Karoli Baba)

By HindiWall

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